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उपचार

एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड (EBUS)

फेफड़ों के कैंसर की न्यूनतम-चीरा स्टेजिंग

EBUS में ब्रोंकोस्कोप के साथ अल्ट्रासाउंड जुड़ा होता है, जिससे साँस की नली के बाहर स्थित संरचनाएँ — छाती के बीच की लिम्फ नोड्स और गाँठें — देखी जा सकती हैं और रियल-टाइम मार्गदर्शन में सुई से नमूना लिया जा सकता है।

EBUS क्यों महत्वपूर्ण है

छाती के मध्य भाग (मीडियास्टाइनम) में वे लिम्फ नोड्स होती हैं जो फेफड़ों से जुड़ी होती हैं। इनमें कैंसर है या नहीं — यही फेफड़ों के कैंसर की स्टेज तय करता है, और स्टेज तय करती है कि सर्जरी से इलाज संभव है या कीमो-रेडियोथेरेपी बेहतर है।

सीटी या PET स्कैन बताता है कि नोड्स कहाँ हैं और कितनी सक्रिय दिखती हैं, पर यह निश्चित नहीं बता सकता कि उनमें है क्या। बड़ी नोड्स अक्सर केवल सूजन की होती हैं, और सामान्य आकार की नोड्स में भी कैंसर हो सकता है।

EBUS से पहले इन नोड्स की जाँच के लिए प्रायः मीडियास्टाइनोस्कोपी करनी पड़ती थी — गर्दन के नीचे चीरा लगाकर, पूरी बेहोशी में, भर्ती के साथ। EBUS यही काम साँस की प्राकृतिक नली से, हल्की बेहोशी में, उसी दिन घर लौटते हुए कर देता है।

किन स्थितियों में

  • फेफड़ों के कैंसर की स्टेजिंग
  • छाती के बीच की गाँठ का निदान, जहाँ सामान्य ब्रोंकोस्कोपी नहीं पहुँच पाती
  • बढ़ी हुई मीडियास्टाइनल लिम्फ नोड्स का कारण जानना
  • सारकॉइडोसिस का निदान, जिसमें EBUS ने सर्जिकल बायोप्सी की जगह ले ली है
  • टीबी लिम्फैडेनाइटिस — भारत में महत्वपूर्ण उपयोग; नमूना कल्चर व मॉलिक्युलर जाँच के लिए भेजा जाता है
  • लिंफोमा तथा अन्य कैंसर के फैलाव की जाँच

प्रक्रिया

तैयारी फ्लेक्सिबल ब्रोंकोस्कोपी जैसी ही है — लगभग छह घंटे का उपवास, खून पतला करने वाली दवाओं की समीक्षा, दवाओं की पूरी सूची।

गला सुन्न किया जाता है और नस से बेहोशी दी जाती है; निगरानी पूरे समय चलती है। EBUS स्कोप मुँह से श्वासनली में जाता है। इसका अल्ट्रासाउंड प्रोब नली की दीवार से लगाकर बाहर की संरचनाएँ दिखाता है। फिर एक बारीक़ सुई नली की दीवार से पार करके लक्ष्य तक पहुँचाई जाती है — पूरे समय अल्ट्रासाउंड पर दिखती हुई, ताकि रक्त वाहिकाओं से बचा जा सके।

हर नोड से कई बार नमूना लिया जाता है और नोड्स को एक निश्चित क्रम में जाँचा जाता है ताकि स्टेजिंग सटीक हो। प्रक्रिया प्रायः 30–45 मिनट लेती है।

बाद में

बेहोशी उतरने तक निगरानी, फिर उसी दिन घर। लगभग दो घंटे कुछ खाना-पीना नहीं। एक दिन गला दर्द, आवाज़ भारी होना और बलगम में हल्का खून सामान्य है। 24 घंटे गाड़ी न चलाएँ।

प्रारंभिक रिपोर्ट प्रायः एक-दो दिन में; पूरी हिस्टोपैथोलॉजी, कल्चर और मॉलिक्युलर जाँच में अधिक समय लगता है।

जोखिम

अनुभवी हाथों में EBUS कम जोखिम वाली प्रक्रिया है। सुई की जगह से हल्का रक्तस्राव सबसे आम है और प्रायः स्वयं रुक जाता है। संक्रमण दुर्लभ है। न्यूमोथोरैक्स कम होता है क्योंकि सुई मीडियास्टाइनम में ही रहती है।

बुकिंग

EBUS परामर्श और इमेजिंग देखने के बाद तय की जाती है, ताकि किन नोड्स की जाँच करनी है यह पहले से नियोजित हो। सभी सीटी/PET फ़िल्में और रिपोर्ट साथ लाएँ। अपॉइंटमेंट बुक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PET-CT में नोड्स दिख ही रही हैं, तो EBUS क्यों?

PET-CT सक्रियता दिखाता है, ऊतक नहीं। नोड्स संक्रमण, टीबी या सारकॉइडोसिस से भी सक्रिय दिख सकती हैं, और कभी-कभी सामान्य दिखने वाली नोड्स में कैंसर होता है। चूँकि यही सर्जरी का निर्णय तय करता है, इसका उत्तर नमूने से ही मिलना चाहिए।

क्या EBUS मीडियास्टाइनोस्कोपी से बेहतर है?

अधिकांश स्टेजिंग प्रश्नों के लिए हाँ। EBUS अधिक नोड स्टेशनों तक पहुँचता है, प्राकृतिक नली से होता है, हल्की बेहोशी में उसी दिन पूरा हो जाता है और गर्दन में चीरे व पूरी बेहोशी से बचाता है।

कितना समय लगता है, दर्द होता है?

प्रायः 30–45 मिनट। दर्द नहीं होता — गला सुन्न रहता है और नस से बेहोशी दी जाती है। उसी दिन घर लौट सकते हैं, पर 24 घंटे गाड़ी न चलाएँ।

क्या EBUS से टीबी और सारकॉइडोसिस का पता चलता है?

हाँ, और ये महत्वपूर्ण उपयोग हैं। सारकॉइडोसिस में EBUS की सफलता दर अधिक है। टीबी में नमूना कल्चर और मॉलिक्युलर जाँच के लिए भेजा जाता है, जिससे दवा-प्रतिरोध भी पता चलता है।

यदि EBUS से उत्तर न मिले तो?

कुछ मामलों में नमूना पर्याप्त नहीं होता। तब स्थिति के अनुसार प्रक्रिया दोहराई जाती है, मीडियास्टाइनोस्कोपी या सर्जिकल बायोप्सी की जाती है, या इमेजिंग से निगरानी की जाती है। यह संभावना पहले ही समझा दी जाती है।

रेवाड़ी में EBUS जाँच का खर्च कितना है?

EBUS सामान्य ब्रोंकोस्कोपी से अधिक खर्चीला है, क्योंकि इसमें अल्ट्रासाउंड वाला स्कोप और विशेष सुइयाँ लगती हैं, तथा नमूने लैब और आवश्यकता होने पर मॉलिक्युलर जाँच के लिए भेजे जाते हैं। प्रक्रिया और लैब — दोनों मिलाकर पूरी राशि तारीख तय होने से पहले, परामर्श के बाद बता दी जाती है। पूछने के लिए 8563816000 पर कॉल करें।

EBUS में कितना समय लगता है, क्या भर्ती होना पड़ेगा?

प्रक्रिया में सामान्यतः तीस से साठ मिनट लगते हैं और उसके बाद एक-दो घंटे निगरानी। यह उसी दिन घर लौटने वाली प्रक्रिया है; बेहोशी के कारण किसी को साथ लाएँ।

यह उपचार आपके लिए उपयुक्त है या नहीं, यह परामर्श के दौरान आपके इतिहास, जाँच और रिपोर्ट देखने के बाद तय होता है। सहमति से पहले जोखिम और विकल्प समझाए जाते हैं।
इस सप्ताह क्लिनिक में अपॉइंटमेंट उपलब्ध हैं।
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