रिजिड ब्रोंकोस्कोपी में एक सीधी धातु की नली पूरी बेहोशी में श्वासनली में डाली जाती है। यह चौड़ा कार्य-मार्ग और — सबसे महत्वपूर्ण — साँस की नली पर पूरा नियंत्रण देती है। इसीलिए जब भी नली स्वयं ख़तरे में हो, यही उपयुक्त उपकरण है।
फ्लेक्सिबल से अंतर
फ्लेक्सिबल ब्रोंकोस्कोपी पतली, मुड़ने वाली नली है जो हल्की बेहोशी में निदान के लिए उपयोग होती है। रिजिड ब्रोंकोस्कोप खोखली धातु की नली है, जो देती है — सुरक्षित एयरवे (मरीज़ को इसी नली से साँस दी जाती है), चौड़ा मार्ग (एक साथ कई बड़े उपकरण), बड़े रक्तस्राव पर नियंत्रण, तथा ट्यूमर हटाने, सिकुड़न चौड़ी करने और स्टेंट डालने की यांत्रिक क्षमता।
व्यवहार में दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं — प्रायः उसी प्रक्रिया में रिजिड नली के भीतर से फ्लेक्सिबल स्कोप डाला जाता है।
किन स्थितियों में
- श्वासनली या मुख्य ब्रोंकस को बंद कर रहे ट्यूमर को हटाना — जिससे साँस तुरंत खुल जाती है
- अधिक मात्रा में खून आना — रक्तस्राव पर नियंत्रण
- बाहरी वस्तु निकालना, विशेषकर बड़ी या फँसी हुई — बच्चों में तथा भोजन, दाँत या नकली दाँत का टुकड़ा साँस में जाने पर
- सिकुड़ी हुई नली को चौड़ा करना — लंबे समय वेंटिलेटर पर रहने, टीबी या ट्यूमर के कारण
- स्टेंट डालना, हटाना या स्थान बदलना
- जटिल एयरवे रोग, जिसमें नली की दीवार ढीली होकर बैठ जाती है
- बड़ी बायोप्सी, जब छोटे नमूने से बात न बनी हो
प्रक्रिया
यह ऑपरेशन थियेटर में पूरी बेहोशी के साथ, एनेस्थेटिस्ट की उपस्थिति में की जाती है। पहले बेहोशी के लिए फ़िटनेस, रक्त जाँच, क्लॉटिंग और हाल की सीटी देखी जाती है ताकि रुकावट का स्तर पहले से पता हो।
नली मुँह से स्वर-तंतुओं के पार श्वासनली में जाती है और उसी से साँस दी जाती है। फिर आवश्यकतानुसार ट्यूमर हटाया जाता है, वस्तु निकाली जाती है, सिकुड़न चौड़ी की जाती है या स्टेंट लगाया जाता है। प्रक्रिया 30–90 मिनट लेती है।
बाद में
पूरी तरह होश आने तक निगरानी, फिर एक्स-रे। सामान्यतः थोड़े दिन भर्ती रहना पड़ता है — स्टेंट लगने या अधिक रक्तस्राव होने पर अधिक।
एक-दो दिन गला दर्द, आवाज़ भारी होना और बलगम में हल्का खून सामान्य है। ट्यूमर हटाने या स्टेंट के बाद साँस में राहत प्रायः तुरंत मिलती है।
स्टेंट लगे होने पर बलगम जमने से रोकने के लिए भाप या नेबुलाइज़ेशन की सलाह दी जाती है, और फ़ॉलो-अप ब्रोंकोस्कोपी तय की जाती है।
जोखिम
यह विशेषज्ञ प्रक्रिया है और फ्लेक्सिबल की तुलना में अधिक जोखिम रखती है — इसीलिए केवल आवश्यक स्थितियों में की जाती है। जोखिमों में पूरी बेहोशी के जोखिम, दाँत/होंठ/मसूड़ों को चोट, गला दर्द, रक्तस्राव (विशेषकर ट्यूमर हटाने के बाद), दुर्लभ रूप से नली में छेद, तथा अस्थायी सूजन शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फ्लेक्सिबल के बजाय रिजिड क्यों?
जब साँस की नली स्वयं ख़तरे में हो या भारी काम करना हो — ट्यूमर हटाना, बड़े रक्तस्राव पर नियंत्रण, बड़ी फँसी वस्तु निकालना, सिकुड़न चौड़ी करना या स्टेंट डालना। चौड़ा मार्ग और सुरक्षित एयरवे ये सब संभव बनाते हैं।
क्या मैं बेहोश रहूँगा?
हाँ। रिजिड ब्रोंकोस्कोपी पूरी बेहोशी में, एनेस्थेटिस्ट की उपस्थिति में की जाती है, क्योंकि नली स्वर-तंतुओं से पार जाती है और उसी से साँस दी जाती है।
ट्यूमर हटाने के बाद साँस कब सुधरेगी?
प्रायः तुरंत। जब कोई मुख्य नली काफ़ी बंद हो, उसे खोलते ही पूरे लोब या फेफड़े तक हवा लौट आती है। राहत कितने समय रहेगी, यह मूल बीमारी और स्टेंट लगा है या नहीं, इस पर निर्भर करता है।
क्या भर्ती होना पड़ेगा?
सामान्यतः थोड़े समय के लिए, क्योंकि पूरी बेहोशी दी जाती है और बाद में एक्स-रे आवश्यक है। स्टेंट लगने या अधिक रक्तस्राव होने पर अवधि बढ़ सकती है।
