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लेख

आपका इनहेलर काम करना बंद क्यों लगता है — पाँच कारण

लगभग हमेशा कारण तकनीक, उपकरण या समय होता है — दवा नहीं।

"अब मेरा इनहेलर काम नहीं करता।" छाती के क्लिनिक में यह सबसे अधिक कही जाने वाली बातों में है, और अधिकांश मामलों में इनहेलर पूरी तरह काम कर रहा होता है — दवा फेफड़ों तक पहुँच ही नहीं रही होती। तकनीक के अध्ययन बार-बार बताते हैं कि इनहेलर लेने वाले अधिकांश लोग कम से कम एक ऐसी ग़लती करते हैं जो पहुँचने वाली मात्रा काफ़ी घटा देती है।

इसे गंभीरता से लेना ज़रूरी है, क्योंकि काम करते इनहेलर का विकल्प अटैक है।

1. बहुत तेज़ सांस लेना, या सांस ही न लेना

अलग-अलग उपकरणों को उलटी चीज़ें चाहिए — और यहीं सबसे ज़्यादा भ्रम होता है।

मीटर्ड-डोज़ इनहेलर (प्लास्टिक में लगा छोटा दबाव वाला कनस्तर) में धीमी, गहरी सांस चाहिए, जो दबाने से ठीक पहले शुरू हो। तेज़ सांस लेने पर स्प्रे गले के पिछले हिस्से से टकराकर वहीं रुक जाता है। प्रायः स्वाद आ जाता है — यही संकेत है कि दवा भीतर नहीं गई।

ड्राई-पाउडर इनहेलर (रोटाहेलर, रिवोलाइज़र, मल्टीहेलर आदि) में उलटा चाहिए: तेज़, ज़ोरदार सांस, क्योंकि पाउडर उठाने और तोड़ने का काम आपका ही प्रयास करता है। धीमी सांस लेने पर बहुत सारी दवा उपकरण में ही रह जाती है।

यदि किसी ने बताया ही नहीं कि आपका कौन-सा प्रकार है, तो समस्या केवल यही हो सकती है।

2. बाद में सांस रोककर न रखना

सांस भीतर लेने के बाद लगभग दस सेकंड रोकें, या जितना आराम से हो सके। इससे कण श्वास नली की दीवार पर बैठ पाते हैं, बजाय सीधे बाहर निकल जाने के। तुरंत सांस छोड़ देना एक सही ली गई मात्रा का बड़ा हिस्सा बर्बाद कर देता है। यह सबसे आसानी से ठीक होने वाली ग़लती है।

3. स्पेसर का प्रयोग न करना

स्पेसर वह प्लास्टिक चेंबर है जिसमें मीटर्ड-डोज़ इनहेलर लगाया जाता है। यह स्प्रे की गति धीमी करता है, जिससे दवा का बहुत अधिक हिस्सा फेफड़ों तक पहुँचता है और बहुत कम मुँह में रह जाता है। यह दबाने और सांस लेने के तालमेल की ज़रूरत भी ख़त्म कर देता है, जो सबसे कठिन हिस्सा है।

बच्चों के लिए स्पेसर वैकल्पिक नहीं है — छोटे बच्चों में मास्क के साथ। जिन बड़ों को सीधा इनहेलर कठिन लगता है, उन्हें भी इससे बहुत लाभ होता है।

4. प्रिवेंटर और रिलीवर में भ्रम

यह सबसे अधिक परिणाम वाली ग़लती है, और बहुत आम है।

रिलीवर (प्रायः सैल्ब्यूटामोल, अक्सर नीला) सिकुड़ी नली को मिनटों में खोलता है। यह लक्षण का इलाज करता है। भीतर की सूजन पर इसका कोई असर नहीं।

प्रिवेंटर (इनहेल्ड स्टेरॉयड, अकेला या लंबे असर वाली दवा के साथ) उस सूजन को घटाता है जिसके कारण नली सिकुड़ती है। आज इसका कोई असर महसूस नहीं होता। यह तीन हफ़्ते बाद आपको ठीक रखता है।

लोग रिलीवर का असर महसूस करते हैं और प्रिवेंटर का नहीं, इसलिए मान लेते हैं कि असली दवा रिलीवर है। ठीक महसूस होते ही प्रिवेंटर बंद कर देते हैं — ठीक उसी समय जब वह अपना काम कर रहा होता है। फिर लक्षण लौटते हैं, रिलीवर की ज़रूरत बढ़ती जाती है, और निष्कर्ष निकलता है कि "इनहेलर काम नहीं कर रहा"।

हफ़्ते में दो बार से अधिक रिलीवर की ज़रूरत का अर्थ यह नहीं कि वह काम नहीं कर रहा। इसका अर्थ है कि आपके प्रिवेंटर की समीक्षा चाहिए।

5. ख़ाली या समय-सीमा पार उपकरण

कई इनहेलर भरोसे से नहीं बताते कि कब ख़त्म हुए, और लगभग ख़ाली कनस्तर भी स्प्रे करता है — पर उसमें दवा नहीं, केवल गैस होती है। डोज़ काउंटर हो तो उसका प्रयोग करें। न हो तो मोटा हिसाब रखें: दिन में दो बार लिया जाने वाला 120 डोज़ का इनहेलर लगभग दो महीने चलता है। समय-सीमा देखें, और आपात स्थिति के लिए रखा रिलीवर गर्म गाड़ी या सीलन वाले बाथरूम में साल भर न रखें।

एक मिनट में अपनी तकनीक जाँचें

  1. गले के पिछले हिस्से में स्प्रे का स्वाद या एहसास होता है? तो सांस बहुत तेज़ है या स्पेसर नहीं लगा रहे।
  2. शुरू करने से पहले पूरी सांस बाहर निकालते हैं? अधिकांश लोग नहीं निकालते।
  3. बाद में लगभग दस सेकंड सांस रोकते हैं?
  4. मीटर्ड-डोज़ में एक बार दबाकर एक सांस लेते हैं, फिर दूसरे पफ़ से पहले तीस सेकंड रुकते हैं? एक ही सांस में दो पफ़ दूसरे को बर्बाद कर देते हैं।
  5. इनहेल्ड स्टेरॉयड के बाद मुँह धोकर थूकते हैं? इससे मुँह में फंगस और आवाज़ बैठना रुकता है।
  6. आपको नाम से पता है कि कौन-सा इनहेलर प्रिवेंटर है और कौन-सा रिलीवर?

अपने इनहेलर अपॉइंटमेंट पर लाएँ

काग़ज़ पर लिखे नाम नहीं — असली उपकरण। हम आपसे सामने उनका प्रयोग करवाएँगे और जो दिखेगा उसे ठीक करेंगे। इसमें दो मिनट लगते हैं और अस्थमा या सीओपीडी के परामर्श में यह सबसे उपयोगी बातों में से एक है। तकनीक का सुधार प्रायः वह काम कर देता है जिसके लिए दवा बदलने की तैयारी हो रही थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैसे पता करूँ कि मेरा इनहेलर प्रिवेंटर है या रिलीवर?

पूछें और लिखवा लें। मोटा नियम: रिलीवर केवल ज़रूरत पर लिया जाता है और मिनटों में असर करता है; प्रिवेंटर रोज़ लिया जाता है, लक्षण हों या न हों। संदेह हो तो दोनों उपकरण साथ लाएँ।

रिलीवर जितनी बार चाहिए, उतनी बार ले सकते हैं?

आपात स्थिति में यह सुरक्षित है — यही उसका उद्देश्य है। पर हफ़्ते में दो बार से अधिक ज़रूरत का अर्थ है अस्थमा नियंत्रित नहीं है, और उत्तर प्रिवेंटर की समीक्षा है, अधिक रिलीवर नहीं।

बड़ों के लिए भी स्पेसर ज़रूरी है?

हमेशा नहीं, पर यह दवा का अधिक हिस्सा फेफड़ों तक पहुँचाता है और तालमेल की समस्या ख़त्म करता है। बच्चों के लिए यह अनिवार्य है।

प्रिवेंटर के बाद मुँह क्यों धोना है?

मुँह में बचा इनहेल्ड स्टेरॉयड फंगस और आवाज़ बैठने का कारण बन सकता है। हर डोज़ के बाद धोकर थूकने में कुछ सेकंड लगते हैं और दोनों रुक जाते हैं।

मेरा इनहेलर अभी भी स्प्रे करता है, तो भरा हुआ है?

नहीं। लगभग ख़ाली कनस्तर भी गैस छोड़ता रहता है, जिसमें दवा न या बहुत कम होती है। डोज़ काउंटर देखें या हिसाब रखें।

यह पृष्ठ केवल सामान्य जानकारी है, आपके अपने मामले की चिकित्सकीय सलाह नहीं। कृपया परामर्श बुक करें ताकि आपके लक्षण, इतिहास और रिपोर्ट ठीक से देखी जा सकें।
इस सप्ताह क्लिनिक में अपॉइंटमेंट उपलब्ध हैं।
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